
हल्द्वानी। उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में सोमवार को वन आरक्षियों के लिए चाल-खाल प्रबंधन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञ रूप सिंह राणा ने वाटरशेड प्रबंधन और चाल-खाल के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चाल-खाल जल संरक्षण और भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है। इस दौरान उपनिदेशक सूरज तिवारी सहित 23 वन आरक्षी और छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अन्य आरक्षी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से वन आरक्षियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और वे वन संरक्षण में बेहतर योगदान दे सकेंगे।







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